शराब के शौकिनो को राहत, 4 मई से खुलेंगी दुकानें

रायपुर.
शराब पीने वालों के लिये खुशखबरी है. अब उन्हें शराब के लिये भटकना नही पड़ेगा और नहीं ब्लेक में खरीदना पड़ेगा, क्योकिं  शराब दुकानें रविवार से खुल जाएंगी। छत्तीसगढ़ सरकार ने शनिवार को दुकान खोलने का आदेश जारी कर दिया है। शराब दुकान खोलने वालों को 4 शर्तो का पालन करना होगा। 
सुबह 7 बजे खुल जायेगी
आदेश के मुताबिक शराब दुकान सुबह 7 से शाम 8 बजे तक खुलेगी। इसके अलावा शराब पहुचाने के लिये डिलीवरी बॉय नियुक्त किये जाएंगे। उल्लेखनीय है कि कोरोना संक्रमण रोकने किये गए लॉक डाऊन के चलते शराब दुकानों को भी बंद किया गया था।
करोड़ो का नुकसान 
लॉक डाउन में शराब दुकान बंद होने से सरकार को करोडों रुपए का नुकसान हुआ है। इस नुकसान की भरपाई करने के लिये ही दुकानें शुरु की जा रही हैं।
तस्करी से करोडों की कमाई
शराब दुकान बंद होने का फायदा शराब तस्करो ने खूब उठाया और जमकर तस्करी की। इससे करोडों रुपए कमाए। तस्करी शराब करोबार से जुड़े लोग ही कर रहे थे।

बच्चों के साथ खुद को आग लगाने की धमकी दे रही है पत्नी, मैडम प्लीज बचा लीजिए

महिलाओं के लिए शुरू हुए चुप्पी तोड़ अभियान में पुरुष कर रहे हैं शिकायतें।
रायपुर.
बच्चों के साथ खुद को जला लेने की धमकी दे रही है मेरी पत्नी..., छोटी-छोटी बात पर झगड़ा करती है, मेरा कहना नहीं मानतीं..., मेरा सम्मान नहीं करती और बार-बार माायके चली जाती है...मैडम। प्लीज आप लोग कुछ कीजिए। मेरा घर तबाह हो जाएगा। कुछ इस तरह की शिकायतें उन पुरुषों की हैं, जो अपनी पत्नी से प्रताडि़त हो रहे हैं। ये शिकायतों को पुलिस को महिलाओं को घरेलू हिंसा से बचाने के लिए चलाए जा रहे चुप्पी तोड़ अभियान के दौरान मिली है। इससे पुलिस अधिकारी भी हैरान हैं कि महिलाओं को हिंसा से बचाने के लिए अभियान चलाया जा रहा है, लेकिन जो शिकायतें पुरुष कर रहे हैं, उनका निराकरण कैसे किया जाए? पुलिस ने दो दिन पहले ही अभियान शुरू किया है। दो दिन में तीन पुरुष शिकायतकर्ताओं ने पुलिस से संपर्क किया और अपनी व्यथा सुनाई है।
लॉकडाउन में बढ़े मामले
घरेलू हिंसा के मामले लॉकडाउन शुरू होने के बाद से अचानक बढ़ गए हैं। 1 जनवरी 2020 से मार्च तक पुलिस के पास घरेलू हिंसा से जुड़े कुल 135 मामले आए थे। लेकिन लॉकडाउन की अवधि में ही 60 से Óयादा प्रकरण पुलिस तक पहुंचे। घरेलू हिंसा में बढ़ोतरी को देखते हुए पुलिस ने महिलाओं की समस्याओं को लेकर यह मुहिम शुरू की गई है। संतान नहीं होने पर बैगा से करवा रहे थे झाडफ़ूंक, असर नहीं होने पर देवर की बेटी की कर दी हत्या//: https://chhattisgarhsatyakatha.blogspot.com/2020/04/blog-post_26.html
दो दिन में 30 तक पहुंची पुलिस
आईयूसीएडब्ल्यू एएसपी अमृता सोरी के नेतृत्व में चल रहे चुप्पी तोड़ अभियान से जुड़ी पुलिस टीम पिछले दो साल की 1500 शिकायतों पर काम कर रही हैं। इन शिकायतों से जुड़ी पीडि़त महिलाओं से संपर्क करके उनकी समस्याओं का निराकरण किया जा रहा है। दो दिन में पुलिस ने 30 पीडि़त महिलाओं से संपर्क किया है। और उनकी समस्याओं पर चर्चा कर काउंसलिंग की गई।
यह है घरेलू हिंसा के कारण
घरेलू हिंसा बढऩे के क
ई कारण सामने आ रहे हैं। इनमें नशे की पूर्ति नहीं होने से चिड़चिड़ापन, आर्थिक तंगी को प्रमुख रूप से माना जा रहा है। साथ ही कई घरों में घरेलू कामकाज को लेकर भी पति-पत्नी के बीच विवाद और झगड़े की स्थिति बन रही है। दूसरी ओर चोरीछिपे शराब पीकर दिनभर घर में रहने से भी पति-पत्नी के बीच विवाद होता है।

कोरोना जागरूकता रथ से पुलिस दे रही सुरक्षा का संदेश

शहर भर में घूम रहा है पुलिस का रथ
रायपुर.
रायपुर में कोरोना से बचने जागरूक करते पुलिस वाले 
कोरोना से झन डरो येला हराना है...आप मन ह घर में रहो, अनावश्यक घर से बाहर झन निकलो..., घर से बाहिर जाए के बेरा म मास्क जरूर लगावव..., हाथ झन मिलावव नमस्ते कर अभिवादन करव..., साबुन से बार-बार हाथ धोवत रहव, अऊ अल्कोहल युक्त सैनेटाइजर
का उपयोग करव..., सार्वजनिक स्थानों पर झन थूकव...,एक-दूसरे से कम से कम दू मीटर के दूरिहा बनाए रखव, तभ्भे कोरोना से राहत मिलही हमन ल। कुछ इस तरह से छत्तीसगढ़ी भाषा में पुलिस का कोरोना जागरूकता रथ लोगों को संदेश दे रही है, ताकि ज्यादा से ज्यादा जागरूक रहें। रायपुर ट्रैफिक पुलिस ने एक आकर्षक झांकी बनाया है, जिसे कोरोना जागरूकता रथ का नाम दिया गया है। यह रथ दिनभर शहर के प्रमुख इलाकों में भ्रमण करेगा। और लाउड स्पीकर से लोगों को कोरोना संक्रमण से बचने की नसीहत देते रहेगा। इसके ट्रैफिक पुलिस बनाया है और इसमें ऑडियो भी ट्रैफिक जवानों की है।
लापरवाह युवक को दे रहे मास्क
झांकी में दो पुलिस वाले, राक्षसनुमा कोरोना वॉयरस और एक बाइक सवार युवक की मूर्तियां बनी है। ट्रैफिक पुलिस का जवान बाइक सवार युवक, जो अपने घर से बिना मास्क लगाए निकला है, उसे मास्क देता है। साथ ही यह चेतावनी भी देता है कि बिना मास्क के निकलना कोरोना संक्रमण को दावत देना है। दूसरा पुलिस जवान सेनेटाइजर का उपयोग करके कोरोना संक्रमण से बचने का संदेश दे रहा है।
शहर भर में घूमेगी झांकी

ट्रैफिक पुलिस की कोरोना जागरूकता रथ शहर भर में घूमेगा। पहले दिन अनुपम नगर, शंकर नगर, तेलीबांधा, वीआईपी टर्निंग, खम्हारडीह आदि इलाकों में झांकी का प्रदर्शन किया गया। इसके बाद शहर के सभी प्रमुख चौक-चैराहों में झांकी को खड़ा किया जाएगा। कॉलोनियों और घनी आबादी वाले इलाकों और खासकर सब्जी बाजारों में भी इस झांकी को विशेष रूप से प्रदर्शित किया जाएगा। ट्रैफिक डीएसपी सतीश सिंह ठाकुर ने बताया कि लोगों को जागरूक करने के लिए झांकी बनाई गई है। झांकी के अलावा लाउड स्पीकर के माध्यम से लोगों को संदेश दिया जा रहा है कि सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें। बिना मास्क के घर से बाहर न निकलें। झांकी को शहर के अलग-अलग हिस्सों में घुमाया जाएगा।

लॉकडाउन से रायपुर में बढ़ी घरेलू हिंसा, चुप्पी तोड़ अभियान से रोकेगी पुलिस

रायपुर. 
लॉकडाउन का साइड इफैक्ट कई तरह से सामने आ रहा है। कोरोना संक्रमण से लोग बच रहे हैं, लेकिन आर्थिक तंगी के कई दुष्परिणाम भी हो रहे हैं। घर की जिम्मेदारी एक तरह से महिलाओं के ऊपर ही होती है। आर्थिक तंगी और सोशल डिस्टेसिंग के चलते घर में पति-पत्नी के बीच झगड़े बढ़ रहे हैं। पति-पत्नी के बीच झगड़ा होता है, तो अक्सर पति ही भारी पड़ता है। इस कारण घरेलू हिंसा के मामलों में बढ़ोत्तरी हो रही है। शराब की अवैध बिक्री भी इसकी बड़ी वजह है। मामूली बात पर महिला से मारपीट, मानसिक प्रताडऩा, दहेज, चरित्र शंका, शराब पीकर मारपीट करने जैसी ढेरों शिकायतें पुलिस के पास पहुंच रही हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि लॉकडाउन लगने के बाद महिलाओं के साथ घरेलू हिंसा की घटनाएं ज्यादा हो रही हैं। पुलिस के पास एक माह में 60 से ज्यादा प्रकरण आए हैं। इससे पहले इतने मामले नहीं आए थे। घरेलू हिंसा के बढ़ते मामलों को देखते हुए रायपुर पुलिस ने पीडि़ता महिलाओं की समस्याओं के समाधान और हिंसा की रोकथाम के लिए नया कैंपेन शुरू किया है, जिसे "चुप्पी तोड़" नाम दिया गया है। बुधवार को रायपुर एसएसपी आरिफ शेख ने फेसबुक में ऑनलाइन इसकी शुरुआत की। लॉकडाउन के चलते थाना नहीं आ पाने के कारण उनके लिए विशेष मोबाइल नंबर, वाट्सऐप नंबर जारी किया गया है। सोशल मीडिया के जरिए भी इसकी शिकायत की जा सकती है। घरेलू हिंसा रोकने के लिए चार अलग-अलग टीमें बनाई गई हैं। आईयूसीएडब्ल्यू एएसपी अमृता सोरी को इस मुहिम का पर्यवेक्षण अधिकारी नियुक्त किया गया है।
दो साल में 1500 शिकायतें
पिछले दो साल में ही रायपुर पुलिस को अलग-अलग थानों, महिला थाना और अन्य माध्यमों से 1500 शिकायतें मिली हैं। इन शिकायतों में शारीरिक और मानसिक प्रताडऩा के मामले शामिल हैं। महिलाएं अपने पति से या ससुराल के अन्य लोगों से प्रताडि़त हुई है। इसकी शिकायत उन्होंने थाने में की।
त्वरित सहायता दी जाएगी
इस मुहिम के अंतर्गत महिला पर यदि पारिवारिक अत्याचार व घरेलू हिंसा हो रहे हैं, तो उन्हें त्वरित सहायता प्रदान किया जाएगा। गंभीर स्थिति में पुलिस टीम स्वयं घटना स्थल जाकर समस्या का निराकरण करेंगे। अपराध घटित होने पर तत्काल प्राथमिकी दर्ज की जाएगी। शिकायत दर्ज करने के लिए 11 बिन्दुओं का प्रोफार्मा तैयार किया गया है। इसमें पीडि़त महिला से बातचीत की जाएगी। यदि पीडि़त महिला का मोबाइल नंबर बंद मिला, तो पुन: उनसे संपर्क किया जाएगा।
टोल फ्री नंबरों पर करें शिकायत
घरेलू हिंसा से पीडि़त महिला इन नम्बरों पर शिकायत कर सकती है। और पुलिस की मदद ले सकती है। फोन नंबर- 0771-4247110, मोबाइल नंबर- 94791-90167 और वाट्सऐप नंबर 94791-91250 में अपनी शिकायतें दर्ज करा सकती हैं।
शराब भी है वजह
लॉकडाउन लगने के बाद से घरेलू हिंसा के मामले बढ़ी है। इसकी बड़ी वजह अवैध शराब बिक्री है। लोग चोरीछिपे शराब खरीदकर पी रहे हैं। नशे में धुत होकर घर में रहने से भी पति-पत्नी के बीच विवाद हो रहा है। इसके चलते पति नशे में धुत होकर पत्नी से दुव्र्यवहार करता है। मारपीट भी करता है। पुलिस के पास सभी तरह की शिकायतें आ रही है। लॉकडाउन लगने के बाद से अब तक पुलिस के पास महिला प्रताडऩा के 60 से ज्यादा शिकायतें आ चुकी हैं, जिसमें महिलाओं ने मारपीट, गाली-गलौज और अन्य शिकायतें दर्ज कराई हैं। 

इंजीनियर ने रात में लॉकडाउन का किया फेसबुक लाइव, सुबह किया अपनी ही गिरफ्तारी वाली पोस्ट

रायपुर.
सोशल मीडिया का चस्का लोगों को इस कदर लगा है कि छोटी-मोटी चीजों को भी फेसबुक में शेयर करते हैं और वाहवाही लूटते रहते हैं। इस तरह के दिखावा करने का नतीजा एक इंजीनियर को कुछ अलग ही अंदाज में भुगतना पड़ा। जिस फेसबुक लाइव से रात में अपने दोस्तों का लाइक ले रहा था, उसके अगली सुबह उसी फेसबुक में अपनी गिरफ्तारी वाली फोटो भी पोस्ट करनी पड़ी। जो लोग उसे रात में फेसबुक में शाबासी दे रहे थे, सुबह उसी का हथकड़ी लगे पुलिस वालों के साथ फेसबुक में फोटो देखकर चौंक गए। इंजीनियर भी अपनी हरकत में शरमा गया।
यह था माजरा
न्यू शांति नगर इलाके में रहने वाले आर्किटेक्ट अभिनय सोनी रविवार को देर रात अपनी कार से मंदिरहसौद स्थित पिंटू ढाबा गए। और वहां से खाना पैक कराया। इसके बाद घर लौट रहे थे। इस दौरान उसने फेसबुक लाइव करके अपने दोस्तों को दिखाया कि वह किस तरह शहर में लॉकडाउन के बीच बिंदास घुम रहा है। और खाना-पीने की चीज लेकर  आ रहा है। आधी रात तक चले फेसबुक लाइव में उस दौरान उसके कई दोस्तों ने देखा और लाइक किया। अभिनय ने बकायदा ढाबा से लेकर अपने घर पहुंचने तक फेसबुक लाइव किया। इस दौरान किसी भी जगह पुलिस की चेकिंग नजर नहीं आई। अभिनय के फेसबुक लाइव ने शहर में लॉकडाउन के दौरान चेकिंग पाइंटों की पोल खोल दी। अभिनय को मंदिरहसौद आते-जाते समय किसी ने न रोका और न ही जांच की।
चुनौती के रूप में ले रहे युवा
लॉकडाउन को कई युवक चुनौती के रूप में ले रहे हैं। और तरह-तरह के बहाने करके शहर में घूमने निकल रहे हैं। कोई दवा लेने का बहाना कर रहा है, तो कोई कुछ और बहाना कर रहा है। पुलिस वालों के मुताबिक अभिनय ने भी लॉकडाउन के बीच बाहर घूमने-फिरने को चुनौती के रूप में लिया और कार लेकर बाहर निकल गया। साथ ही उसका फेसबुक लाइव करके अपने दोस्तों को भी दिखाया। कुछ लोगों ने उसकी इस हरकत की तारीफ भी की।
लाइव के बाद गिरफ्तारी वाला पोस्ट भी कराया
मंदिरहसौद पुलिस ने आरोपी  अभिनय को सुबह गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद उसकी कार और आईफोन जब्त कर लिया। इससे पहले उसके फेसबुक में उसकी गिरफ्तारी वाला फोटो भी पोस्ट कराया। साथ ही यह भी लिखवाया कि रात में उसी ने लॉकडाउन का उल्लंघन करते हुए फेसबुक लाइव किया था। पुलिस ने उसे यह पोस्ट इसलिए करवाया, ताकि दूसरों को भी इससे सबक मिले और ऐसी हरकत न करे।
फेसबुक का साइड इफैक्ट : खूबसूरत युवती बनकर इंजीनियरिंग स्टूडेंट करता था बुजुर्गों से चैटिंग //: https://chhattisgarhsatyakatha.blogspot.com/2020/04/blog-post_18.html

संतान नहीं होने पर बैगा से करवा रहे थे झाडफ़ूंक, असर नहीं होने पर देवर की बेटी की कर दी हत्या


माना के टेमरी की घटना 
रायपुर. जलन मन का एक भाव है। कहा जाता है कि महिलाओं में यह भाव थोड़ा ज्यादा होता है। अगर जलन की भावना के साथ अंधविश्वास भी शामिल हो जाए, तो इसका परिणाम काफी घातक और दुखदायी होता है। टेमरी गांव में यही हुआ। जलन और अंधविश्वास ने एक परिवार की खुशियां छिन ली। परिवार में मातम छा गया। इस दुख से उबरने में वर्षों लगेंगे। इस घटना की शुरुआत साल भर पहले हो गई थी। लेकिन परिणाम 21 अप्रैल को आया।
मृतका गीतांजलि 
माना के ग्राम टेमरी में नंदकुमार साहू का घर। समय सुबह 10.30 बजे। नीलम साहू अपनी एक साल की बेटी गीतांजली को नहलाया। फिर दूध पिलाया। दूध पीते-पीते गीतांजली सो गई। नीलम ने उसे बिस्तर में सुला दिया और खुद नहाने चली गई। करीब आधे घंटे नहाकर लौटी। कमरे में गीतांजली नहीं थी। उसे लगा आसपास खेल रही होगी। उसने अपने कपड़े बदले। फिर उसे ढूंढने लगी। पूरे घर में उसे देख लिया। बच्ची नहीं मिली। नीलम ने अपने जेठ अनुज साहू और जेठानी राजेश्वरी साहू से भी पूछा। उन्होंने जानकारी होने से इनकार किया। नीलम ने पूरा घर ढूंढ लिया। बच्ची नहीं मिली। आसपास और मोहल्ले के घर घर जाकर बच्ची को ढूंढा। नहीं मिलने पर उसने अपने पति मनोज साहू को बुलाया। पति सब्जी बेचने गया था। लौटने पर उसने भी बच्ची की तलाश की। करीब आधे घंटे बाद अनहोनी की आशंका में मनोज और नीलम ने छत में बनी पानी की टंकी को खोलकर देखा। उनका शक सही साबित हुआ। पानी की टंकी में किसी ने मासूम को फेंक दिया था। मासूम की मौत हो चुकी थी। फिर मनोज बच्ची के जिंदा रहने की आस में उसे अंबेडकर अस्पताल लेकर गया। वहां डॉक्टरों ने जांच के बाद बच्ची को मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना पुलिस को दी गई। माना पुलिस मौके पर पहुंची। हत्या का मामला दर्ज किया। फिर जांच शुरू की।
हत्या की आरोपी महिला 
माना टीआई दुर्गेश रावटे और उसकी टीम ने पहले गीतांजली के मां-बाप का बयान लिया। इसके बाद घटना के समय घर में उपस्थित अनुज और उसकी पत्नी राजेश्वरी से पूछताछ शुरू की। दोनों ने कुछ भी जानकारी होने से इनकार किया। अगले दिन पुलिस ने परिवार के अन्य लोगों से पूछताछ की। बच्ची के दादा-दादी और अन्य लोगों से पूछताछ की। इसके अलावा मनोज के छोटे भाई से भी पूछताछ की। दूसरे दिन भी पुलिस हाथ खाली थे।
तीसरे दिन पुलिस को पता चला कि मनोज और अनुज की एक साथ शादी हुई है। लेकिन अनुज और उसकी पत्नी राजेश्वरी की कोई संतान नहीं है। साथ ही यह भी खुलासा हुआ कि अनुज और राजेश्वरी किसी बैगा से संतान प्राप्ति के लिए झाडफ़ूंक करवा चुके हैं और उसकी बताई जड़ीबूटी का सेवन भी कर रहे हैं। इसके बाद पुलिस ने अनुज और राजेश्वरी से अलग-अलग पूछताछ शुरू की। पुलिस ने कड़ाई शुरू की। इसके बाद राजेश्वरी ने बच्ची का हत्या करना स्वीकार लिया।https://chhattisgarhsatyakatha.blogspot.com/2020/04/blog-post_18.html
देखकर जलता था दिल 
पूछताछ में राजेश्वरी ने बताया कि करीब एक साल से संतान प्राप्ति के लिए बैगा से झाडफ़ूंक करवा रहे थे। गीतांजली घर में सबसे छोटी थी। तीन परिवार एक साथ रहते थे, तो सबसे छोटी होने के कारण गीतांजली को सभी प्यार और दुलार करते थे। इससे उसे जलन होती थी। करीब एक माह पहले झाडफ़ूंक वाली दवा बेअसर हो गई। गर्भ नहीं ठहरा। इससे राजेश्वरी और तनाव में रहती थी। इस दौरान घर में बच्ची को हंसते-खेलते देखकर नीलम और उसके पति मनोज से उसे बहुत जलन होती थी। इसके चलते बच्ची को नुकसान पहुंचाने का निर्णय कर लिया। इसी के तहत घटना वाले दिन जैसे ही नीलम नहाने के लिए बाथरूम में गई। राजेश्वरी भी नहाने के लिए उसके कमरे में गई। नीलम बाथरूम में थी और बच्ची बिस्तर में सोई थी। मौका देखकर राजेश्वरी ने बच्ची को गोद में उठा लिया। बच्ची नींद में थी। इसलिए वह रोई नहीं। राजेश्ववरी छत में पहुंची और बच्ची को पानी की टंकी में डाल दिया। ऊपर से ढक्कन लगा दिया और लकड़ी का बड़ा गुटका रख दिया। पानी में डूबने से बच्ची की मौत हो गई। राजेश्वरी के खुलासे घर वाले भी हैरान थे। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
इसी टंकी में डुबाया था बच्ची को 
अंधविश्वास का नतीजा

पुलिस के मुताबिक अनुज और राजेश्वरी काफी दिनों से झाडफ़ूंक वाली दवा ले रहे थे। डॉक्टरों से भी जांच करवाई गई थी। इसमें दोनों की रिपोर्ट सामान्य थी। इसके बावजूद दोनों को बैगा के झाडफ़ूंक पर भरोसा ज्यादा था। और उसके बताए अनुसार जड़ीबूटी का सेवन कर रहे थे। पिछले माह ही जड़ीबूटी का असर फेल हो गया। और गर्भ नहीं ठहरा। इसके बाद दोनों के सब्र का बांध टूट गया। और दोनों काफी निराश हो गए। निराशा के साथ ही अपने छोटे भाई की बच्ची को देखकर उनका खून खौल जाता था। इसी आवेश में आकर राजेश्वरी ने इस घटना को अंजाम दिया। बैगा की जड़ीबूटी के अलावा मेडिकल साइंस के दूसरे उपचार पर भरोसा करते और कुछ दिन और इंतजार करते, तो ऐसी घटना नहीं होती।

कातिल किराएदार ने बेटी के सामने ही मां को तड़पा-तड़पा कर मार डाला

मृतका ने बेटी से बात करने से किया था मना 
नशे का आदी था आरोपी 
सविता की लाश 
रायपुर. तेलीबांधा थाने में 21 अप्रैल को शाम करीब 5 बजे हीरानगर से एक व्यक्ति ने फोन किया और महिला की हत्या होने की सूचना दी। तेलीबांधा थाना प्रभारी मोहसीन खान अपने स्टॉफ के साथ हीरानगर पहुंचे। सूचना देने वाले विशंभर यादव के घर पुलिस पहुंची। घर के हालनुमा कमरे में विसंभर की मां 45 वर्षीया सविता यादव की लाश पड़ी थी। उसे एक कपड़े से ढंक दिया गया था। उसके सिर व चेहरे पर वजनदार चीज से चोट पहुंचाने के निशान थे। गले में गहरे रंग का निशान था। कुछ जगह में खरोंच के निशान थे। शव के आसपास फर्श में खून के दाग नजर नहीं आ रहे थे। पुलिस उलझन में थी कि हत्या कहां पर और कैसे हुई? टीआई खान ने पुलिस के आला अफसरों को घटना की सूचना दी। इसके बाद आला अधिकारी और फॉरेसिंक एक्सपर्ट की टीम भी पहुंची। शरीर में चोट के निशान और चादर ढंक कर छिपाने के आधार पर पुलिस ने मौके पर धारा 302, 201 के तहत अपराध दर्ज किया और मामले की तफ्तीश शुरू की।
सविता यादव 
आरोपी प्रकाश उर्फ़ छोटू राजपूत 
सविता के परिवार में उनके पति गणेश, बेटा विशंभर और करीब 15 साल की बेटी है। विशभंर वीआईपी रोड के सीमेंट दुकान में काम करता है। और उसके पिता दूध बेचते हैं। घटना वाले दिन करीब विशंभर दुकान चला गया था और उसके पिताजी भी घर पर नहीं थे। घर में केवल मां-बेटी ही थी। दोपहर करीब 3 बजे विशंभर घर पहुंचा। घर के बरामदे में चादर से ढंका अपनी मां का शव देखकर वह सन्न रह गया। उसके रौंगटे खड़े हो गए। उसने अपनी छोटी बहन से इस संबंध में पूछा, तो वह ज्यादा कुछ बता नहीं पा रही थी। वह बहुत घबराई हुई थी। विशंभर ने पड़ोसन सरस्वती सेन को बुलाया और अपनी मां का हाल दिखाया। सरस्वती भी शव देखकर सकते में आ गई। विशंभर ने सरस्वती के मोबाइल से अपने पिता गणेश को बुलाया। और पुलिस को सूचना दी।
मौके पर पहुंची तेलीबांधा पुलिस ने तफ्तीश शुरू की। इस दौरान पुलिस को पता चला कि घटना के दौरान मृतका सविता और उसकी नाबालिग बेटी के अलावा उनका किराएदार प्रकाश उर्फ छोटू राजपूत भी घर में मौजूद था। पुलिस ने दोनों से अलग-अलग पूछताछ की। लेकिन कुछ पता नहीं चला। हालांकि इस दौरान नाबालिग काफी घबराई हुई थी। इससे उस पर पुलिस को शक हुआ। पुलिस को यकीन हो गया कि नाबालिग हत्या के संबंध में कुछ न कुछ जरूर जानती है, लेकिन वह बता नहीं पा रही है। इस बीच पुलिस ने प्रकाश के बारे में और जानकारी जुटाई। प्रकाश आदतन नशेड़ी और आवारागर्दी करता था। नशीली गोलियां भी खाता है।  पिछले माह सविता ने उसे मकान खाली करने के लिए अल्टीमेटम दिया था। रात 8 बजे तक पुलिस को यकीन हो गया था कि हत्या में प्रकाश की संलिप्तता है और मृतका की नाबालिग बेटी जरूर कुछ जानती है। महिला पुलिस अधिकारियों ने एक बार फिर नाबालिग को भरोसे में लिया और पूछताछ की।https://www.blogger.com/u/1/blogger.g?blogID=2404951064550374331#editor/target=post;postID=3959811223725335761;onPublishedMenu=allposts;onClosedMenu=allposts;postNum=1;src=postname
किराएदार ही निकला कातिल
पूछताछ में नाबालिग ने दिलदहला देने वाली कहानी सुनाते हुए अपनी मां की हत्या का खुलासा किया। उसने बताया कि 21 अप्रैल को उसकी मां और वह दोनों घर में थे। दोपहर करीब 12 बजे किरायेदार प्रकाश ऊर्फ छोटू कमरे में आया। वह अक्सर मुझसे बातचीत करता था। यह मां को पसंद नहीं था। मां उसे मुझसे बात करने से मना करती थी। इसी बात से वह मां से नाराज रहता था। कमरे में आते ही उसने मां से गाली-गलौज शुरू कर दी। इससे पहले की मां कुछ समझ पाती, प्रकाश ने एक रस्सी उसके गला में फंसा दिया। और रस्सी को कस दिया। इससे मां छटपटाने लगी। प्रकाश ने रस्सी को तब तक कसता रहा, जब तक मां निढाल होकर जमीन पर न गिर पड़ी। इसके बाद पत्थर के सिलबट्टे से उनके सिर व चेहरे पर कई वार किया। इससे मां की मौत हो गई। इसके बाद शव को उठाकर हॉल में ले गया। और एक किनारे में रख दिया। ऊपर से चादर ढंक दिया। इस दौरान मां का बचाव करने उसने शोर मचाना चाहा, तो प्रकाश ने उसे भी उसकी मां की तरह मार देने की धमकी दी। इससे वह घबरा गई। और कुछ न बोल सकी। घटना के बाद आरोपी ने कमरे में गिरे खून को साफ किया और रस्सी को कहीं छिपा दिया। इसके बाद धमकी अपने कमरे में चला गया। और बाहर वाले दरवाजे को भी भीतर से बंद कर दिया, जिससे नाबालिग बाहर नहीं निकल पाई।
किसी के आने का इंतजार करने लगी
दरअसल मृतका के घर और आरोपी प्रकाश के कमरे के लिए एक ही मुख्य दरवाजा है। उसे आरोपी ने भीतर से बंद कर दिया था। नाबालिग ने अपनी आंखों के सामने अपनी मां की हत्या होते देखा। घटना का एक-एक दृश्य उसकी आंखों में घूम रहा था। वह अपने कमरे में रोने के अलावा कुछ नहीं कर पा रही थी। उसे डर था कि जैसे ही वह बाहर निकलने की कोशिश करेगी, आरोपी प्रकाश उसे भी मार देगा। दोपहर करीब 3 बजे उसका भाई विशंभर घर लौटा। दरवाजा भीतर से बंद था। उसने दरवाजा खटखटाया, तो आरोपी प्रकाश ने दरवाजा खोला। इसक बाद वह अपने कमरे में चला गया। विशंभर को देखकर नाबालिग को राहत मिली, लेकिन वह उसे मां की हत्या के संबंध में खुलकर कुछ बता नहीं पा रही थी। उसे पुलिस के पहुंचने का इंतजार था। और पुलिस के पहुंचने पर पूरे मामले का खुलासा किया। हत्या का खुलासा होते ही पुलिस ने प्रकाश उर्फ छोटू को गिरफ्तार कर लिया। नाबालिग को धमकी देने के कारण आरोपी के खिलाफ धारा 506 बी की अतिरिक्त धारा के तहत भी अपराध दर्ज किया गया।
यह थी हत्या की वजह
आरोपी प्रकाश उर्फ छोटू राजपूत मूलता: ग्राम कुम्हारी बिलाईगढ़ बलौदाबाजार का रहने वाला है। करीब तीन साल पहले अपने पिता भरत राजपूत और भाई के साथ काम की तलाश में रायपुर आया था। और हीरानगर में मृतका के मकान में ही किराए से रहने लगे थे। पुलिस के मुताबि प्रकाश मैकेनिक का काम करता था। और नशे का आदी है। नशे वाली गोलियां भी लेता था। इसके अलावा मोहल्ले की एक युवती से उसकी दोस्ती थी। साथ ही वह मृतका की नाबालिग बेटी से भी बातचीत करता था। मृतका को यह अच्छा नहीं लगता था। उसने अपनी बेटी को उससे बातचीत करने से मना कर दिया था। साथ ही आरोपी प्रकाश को भी कई बार सार्वजनिक तौर से अपनी बेटी से बात करने से मना कर चुकी थी। आरोपी के नशे की आदत को लेकर भी कई बार वह सबके सामने उसे बोल चुकी थी। इसी बात से वह मृतका से नफरत करने लगा था। आरोपी की आदतों के चलते उनसे मकान खाली कराया जा रहा था। लॉकडाउन के बाद उन्हें खाली करने के लिए कहा गया था। इसके चलते आरोपी मृतका को सबक सिखाने के लिए मौके की तलाश में था।
सावधान रहें
इस तरह की घटनाओं को सजगता और सतर्कता से रोका जा सकता है। किराएदारों की सूचना संबंधित पुलिस थाने में देना चाहिए। नशा करने वालों पर नजर रखनी चाहिए। किसी भी तरह की अवैध नशीले पदार्थ का सेवन करने की जानकारी मिलते ही पुलिस को सूचना देना चाहिए। कोई भी किराएदार अवैध गतिविधियों में संलिप्त है, तो तत्काल पुलिस में शिकायत करें। 

बिहार के थे रायगढ़ में कैश वैन लुटने वाले दो लुटेरे

रायगढ़ में कैश वैन लूटपाट का दुस्साहस करने वाले अंतर्राज्यीय गैंग के दो गैंगस्टर गिरफ्तार  जोखिम भरे मिशन में लगी पुलिस की 8 टीमों ने 10 घंटे...